HomeGHARELU NUSKHEhome remedies for acidity 2021 | एसिड की परेशानी अब ख़त्म

home remedies for acidity 2021 | एसिड की परेशानी अब ख़त्म

अम्लपित्त एसिड से पेट या सीने में जलन

home remedies for acidity – पेट में एसिड की मात्रा में वृद्धि होना या पेट की जलन सीने में बहुत तेज़ जलन का महसूस होना ये अब आम बात हो गई है सभी में। कभी न कभी सभी को एसिड या एसिडिटी का सामना तो करना पड़ता ही है पर ये हमेशा बहुत कम मात्रा में होते है इसलिए ज़्यादा तर हमे इसकी जलन का पता नहीं चलता है पर कभी कभी हमारे पेट में एसिड की मात्रा बहुत बढ़ने लगती है और आसानी से ये ठीक भी नहीं होती है, सही इलाज न करने पर आपको पेट से जुडी और भी कई समस्या आ सकती है

एसिडिटी, हाइपर एसिडिटी, गैस्ट्रोराइटिस, जाता है – जिन लोगो को एसिड की परेशानी है उनको सीने में जलन,सर में भारी पन या दर्द का होना, या खट्टी डकारे बार बार आना, जी मचलाना, पेट का फूलना या दर्द होना या उलटी होना,या तो किसी किसी को दस्त भी हो सकता है। जब ऐसा कुछ होता है तो आपको ज़्यादा पता नहीं होता की ये किस वजह से प्रॉब्लम आ रही है। 

जब आपको कभी न कभी ऐसी परेशानी होती है तो आप भी कोई न कोई दवाई या तो कोई चूरन,सिरफ या काढ़ा लेते होंगे। इन सरे चीज़ो से आपको थोड़े समय के लिए आराम तो मिल जाता है पर बाद में फिर से परेशानी होती है-home remedies for acidity

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अगर आप भी इससे परेशान है। और आप नहीं चाहते की आपको भी कभी एसिडिटी की प्रॉब्लम हो तो इस ब्लॉग को ध्यान से पूरा पढ़े।

इस बार हम एसिडिटी में बहुत सी चीज़ो के बारे में जानेंगे जैसे –

1 – महत्वपूर्ण जानकारी
2 – कारण
3 – एसिडिटी के लक्षण
4 – बचने के उपय
5 – खान-पान/ आहार
6 – शारीरक क्रिया
7 – आयुर्वेदक उपचार
इन सब के बारे में जानेंगे आयुर्वेद के तरीको से की हम कैसे इस समस्या से बच सकते है।

एसिड की नार्मल मात्रा home remedies for acidity 

जब हमारे पित्त (acid) की मात्रा नार्मल होती है तो खाना अच्छे से पचता है

और हमारी डाइजेशन सिस्टम भी अच्छे से होती है लेकिन इसमें कोई भी गड़बड़ी हो जाये तो ये पित्त या एसिड हमारे शरीर में कई प्रकार की बीमारिया भी उत्पन्न कर सकती है।

पेट में एसिड के बढ़ने का कारण –

एसिड के बढ़ने का कारण है हमारा खान पान हम कब और कितना खाना खाते है और क्या क्या खाते है ये जानना बहुत ही ज़रूरी है।
➤ सबसे पहले देखते है की खाना कब खाना चाहिए ?
पेट अच्छे से साफ होने के बाद पहले खाया हुवा खाना पचने के बाद ,अच्छी भूख लगने के बाद,और पित्त काल में खाने का सेवन करे। सुबह 10 बजे से 1 बजे तक आप ले सकते है ,और अगर हो सके तो 12 बजे तक आप का खाना हो जाना चाहिए। क्युकी अगले 2 घंटे तक जो पित्त का काल है इसमें खाने का पाचन अच्छे से होता है ,खाने का समय भी फिक्स रखना चाहिए अगर पचने वाला पित्त पहले से तैयार है और उसको खाना नहीं मिला तो वो भी आपको प्रॉब्लम दे सकता है।

और पढ़े – stomach in hindi

और पढ़े – Stomach ache and gas medicine

शाम का खाना कब खाये – home remedies for acidity

आपको शाम का खाना भी जल्दी खा लेना चाहिए।

शाम को 7 बजे के भीतर खाना हो जाना चाहिए और सोने का समय 10 बजे तक भी आप सो सकते है खाना खाने के कम से कम 2 से 3 घंटे के बाद ही सोये। ताकि आपके खाने का पाचन अच्छे से हो और आपको नींद भी अच्छी आये।अगर आप इन बातो का ध्यान नहीं रखते तो आपका खाना अच्छे से नहीं पचेगा और आपको तकलीफ भी दे सकता है।

अगर आपने पहले से कुछ खाया है, और आपको भूख नहीं है और सिर्फ टेस्ट लेने के लिए आप खा लेते है तो भी ये आपके लिए अच्छा नहीं होगा। आयुर्वेद में कुछ बातो को बताया गया है जोकि आपको कुछ खानो के साथ मिक्स करके नहीं खाना चाहिए इससे भी कुछ कुछ परेशानी आ सकती है। जैसे – दूध और खट्टे फल, शहद को भी कभी गरम नहीं करना चाहिए और न ही आप इसे किसी गरम चीज़ो के साथ सेवन करे।, दही को भी कभी गरम न करे, दूध और नमक कभी साथ में न ले , बहुत सारे लोग चाय के साथ रोटी खाते है पर आपको ये भी नहीं लेना है क्युकी चाय में दूध होता है और रोटी में नामक होता है।

अगर आपको इन डाइजेशन हुवा है तो कुछ बातो का रखिये ध्यान –

ऐसे समय में आपको अच्छी भूख लगने तक या आपकी तकलीफ दूर होने तक आपको कुछ नहीं खाना है। आप सिर्फ थोड़ा सा गरम पानी पी सकते है, और इसके साथ आपको कोई भी जंग फ़ूड नहीं खाना है – जैसे – बेकरी प्रोडट्स, या तला हुवा कुछ नॉन वेज है या हो फिर कोई ऐसा खाना जो बहुत ज़्यादा चटपटा मिर्च मसालेदार सा बना हुवा है – चीज़, पनीर, समोसा, इडली, ढोकला ये सब चीज़े आपके खाने में है या आप बार बार ये ही खाना खा रहे है तो ये आपके पित्त (acid) को और बढ़ने का काम करेगी तो आपको ये सारी फ़ूड नहीं खाना है।

home remedies for acidity
home remedies for acidity

 

home remedies for acidity जो लोग बहुत ज़्यादा उपवास रखते है और बाद में कुछ तला हुवा खाना खाते है उनको भी एसिडिटी की प्रॉब्लम आती है।
अगर आप कुछ काम करते करते खाना खाते है या टीवी देखते-देखते खाते है या आपको परेशान है या किसी बात से गुस्से में है या तो किसी बात का डर या कोई चिंता है। ऐसे समय में आप यदि खाना खाएंगे तो आपके खाने का पाचन भी ठीक से नहीं होगा। और इसके अलावा आपके सोने और जागने का समय सही न हो तो या बहुत सारे काम एक साथ कर रहे हो जिसे मल्टी टास्किंग भी कहा जाता है। तो ये भी आपके पित्त को बढ़ने का काम करता है।

आयुर्वेद में अम्लपित्त के दो रूप बताये गए है –

1 – उध्वर्ग अम्लपित्त
2 – अधोग अम्लपित्त

(उध्वर्ग अम्लपित्त) –  में सर दर्द होता है,खट्टी डकार आती है, जी मचता है, बार बार उलटी होती है 

(अधोग अम्लपित्त)-में गैस का बनना ज़्यादा होता है, शरीर में भरी पन लगती है, पेट में बहुत तेज़ दर्द होता है, शरीर में जलन का होना, प्यास ज़्यादा लगती है, चक्क्रर, या दस्त का होना ये कारण देखे जाते है। कभी कभी ये अल्सर का भी रूप ले लेती है

आयुर्वेदिक उपचार – home remedies for acidity

सबसे पहली और ज़रूरी उपचार है – की जिस कारणों से आपको पित्त या एसिड की समस्या आई है उसको ही दूर करना। बहुत लोगो को इससे ही आराम मिला जाता है और किसी दवाइयों की भी ज़रूरत नहीं पड़ती है।

दूसरी उपचार – इसके साथ हम जो खाना खाते है वो अच्छा यानि ताजा व हल्का हो और जितना हम खा सकते है उतना ही हो ज़्यादा न खाये, जब आपको एसिड की प्रॉब्लम हो रही हो तो हरे पत्ते वाली सब्जिया कम मात्रा में खानी चाहिए।

तीसरी उपचार – आपके खाने में 6 स्वाद होना चाहिए – कसेला, कड़वा,मीठा रस पित्त को कम करता है। खाने में आपको करेला, लौकी, कद्दू जैसी सब्जियो का इस्तेमाल करना चाहिए।

चौथी उपचार – साथ ही साथ आप मुंग की दाल भी खा सकते है, और गाय का शुद्ध घी ले सकते है, इसके अलावा आवला का मुरब्बा या चूर्ण भी ले सकते है। धनिया, जीरा को पानी में उबाल कर इस पानी का भी इस्तेमाल कर सकते है इससे आपकी एसिडिटी की जलन भी कम होती है या आप सोंठ और मिश्री का चूर्ण भी ले सकते है इससे भी पित्त की मात्रा कम हो जाती है।

  • केला और इलाइची

  • इसके अलावा आप केला भी खा सकते है क्युकी केले में ऐसे गुण पाए जाते है जो एसिड की जलन को कम करने में काफी मदद करता है और इसके साथ इलाइची का भी इस्तेमाल करे , आपने देखा होगा की इलाइची खाते ही आपके मुँह में हल्का सा ठन्डे का आभास होता है तो आप केले के साथ इलाइची का चूर्ण भी ले सकते है इससे भी आपकी एसिड की मात्रा कम हो जाएगी।

 आशा है की आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी। आगे और पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो भी कर सकते है हम आगे भी और भी कई हेल्थ से सम्भन्दित जानकारी लाते रहेंगे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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