HomeHEALTH EDUCATIONhernia treatment in hindi | हर्निया का इलाज 2021

hernia treatment in hindi | हर्निया का इलाज 2021

हर्निया के लक्षण,कारण और इलाज

hernia treatment– वैसे तो हर्निया बहुत ही कम लोगो को होती है पर जब किसी व्यक्ति को हर्निया हो जाए तो बिना ऑपरेशन के ठीक भी नहीं हो पाता है। तो आज हम जानेगे की हर्निया क्यों होता है इसके लक्षण क्या है और इसका इलाज क्या क्या है।

हर्निया जिसको कई लोग आंत घुसा भी कहते है। ऐसे तो ज़्यादा तर हर्निया पुरुषो को ही होता है – ये शरीर में कई जगह पर हो सकता है जैसे की – किसको अंडकोष के ऊपर हो सकता है, किसके पुराने चीरे की जगह पर, किसी के झाती के निचे हो जाता है, किसी के तुण्ड के पास में हो सकता है

hernia treatment- इसे कई नामो से भी जाना जाता है। जैसे – फेमोरल हर्निया , अम्बिलिकल हर्निया, इनकिशनल हर्निया, एपीगैस्ट्रिक हर्निया, हिटल हर्निया ,इनगुइनल हर्निया।
इन सभी हर्निया में एक ही चीज़ सामन्य होता है की आपके पेट की जो मांसपेशी या स्किन है वो कमज़ोर हो गई है और वह से आपकी आते या ओमेन्टम बहार की तरफ निकलने लगती है। जिससे की मरीज को पेट दर्द की समस्या,उल्टिया,खाना का न पांच पाना, पेट का फूलना ऐसे ही कई परेशानी आती है।

हर्निया होने के कारण –

1 – जब भी किसी का मोटापा ज़्यादा होता है तो पेट के पास के मसल्स पर ज़्यादा फैट जमा हो जाता है जिससे मरीज के मसल्स पर अधिक प्रेशर पढता है और दो हिस्सों में बट जाता है

2 – आपने कभी सर्जरी करवाई हो और उसमे टाके लगे हो तो वहा पर प्रेशर पड़ सकता है जिससे की हर्निया की समस्या हो सकती है।

3 – अगर आपको लम्बे समय तक खांसी की समस्या है तो आपको हर्निया हो सकता है। खांसी से आपके पेट पर प्रेशर अधिक पड़ता है।

4 – अगर आपको बहुत दिनों से कब्ज की शिकायत हो तो भी आपको हर्निया की प्रॉब्लम हो सकती है कभी कभी आपको पेशाब करने में परेशानी हो रही हो तो भी आपको हर्निया होने का खतरा हो सकता है।

5 – अगर आपके शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाती है तो आपके स्किन और मसल्स कमज़ोर हो जाते है जिससे की हर्निया होने का खतरा हो सकता है।

hernia treatment
hernia treatment

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इस रोग की पहचान – hernia treatment 

इसे हम क्रॉनिकल एक्जामीनेशन या मरीज की जाँच परख से कर सकते है। या तो मरीज के पहले के कुछ रोगो से भी कर सकते है या हम सिटीस्केन,सोनोग्राफी के जरिये भी कर  सकते है। हर्निया केवल ऑपरेशन के माध्यम से ही ठीक किया जा सकता है इस पर कोई भी दवाइयों का असर नहीं होता है बहुत से लोग कुछ दवाइयों का भी इस्तेमाल करते है पर ये एक ऐसा रोग है जो दवाइयों से न के बराबर ही ठीक होता है। इसके लिए केवल ऑपरेशन ही एक मात्र इलाज है

इसका ऑपरेशन दो प्रकार से किया जाता है पहला है – ओपन सर्जरी जिसमे मरीज को चीरा लगा कर ऑपरेशन किया जाता है, और दूसरा है – लैपरोस्कोपी (laparoscope) hernia treatment 

hernia treatment
hernia treatment

 

लैपरोस्कोपी में मरीज को चीरा नहीं लगाना पड़ता है ये ऑपरेशन छोटे छोटे होल कर के सर्जन अपने दूरबीन की सहायता से ऑपरेशन करते है।
जो बुजुर्ग खून को पतला करने की कोई दवाइयों का इस्तेमाल कर रहे है। उनको अगर ऑपरेशन करवाना है तो वो अपने ऑपरेशन के 5 से 6 दिन पहले अपनी दवाइया को बंद करनी चाहिए। और वो अपने कार्डियो इस्पेसिलिस्ट से पूछ कर अपनी दवाइयों को फिर से ले सकते है।

ऑपरेशन से न घबराये

hernia treatment – इस ऑपरेशन में ट्रैकर डाला जाता है। और फिर जहा से हर्निया का इफेक्ट है या जहा से अन्ते बहार की और निकल रही है उस जगह पर एक जाली का पैच लगाया जाता है। जिसे प्रोडिम पैच कहा जाता है, इसको लगाने के लिए ट्रैकर की ज़रूरत पड़ती है।

इस ऑपरेशन में लगभग 1 घंटे का समय लगता है। कई बार ऑपरेशन के समय मरीज को पेशाब भी लगती है ऐसे में मरीज को केथेटर या एन्ड्रो ट्यूब लगाने की ज़रूरत पड़ती है।

ऑपरेशन के 6 घंटे बाद कोई भी लिक्विड फ़ूड दिया जा सकता है। मरीज को आप नारियल पानी,कॉफ़ी,चाय,सुप ये सब दे सकते है। फिर 12 घंटे बाद कोई भी खाना दे सकते है पर खाने को हमेशा थोड़ा थोड़ा कर के दे एक साथ ज़्यादा खाना नहीं खाना चाहिए जब भी आपका ऑपरेशन हो,
इस hernia treatment ऑपरेशन के 24 घंटे बाद मरीज को छुट्टी दे दी जाती है। मरीज 10 दिनों के बाद अपना कोई भी काम करना शुरू कर सकता है।

ऑपरेशन के पश्चात -hernia treatment 

इस ऑपरेशन के बाद दूरबीन पद्धति से मरीज को दर्द नहीं होता है और वो भी 2 दोनों के बाद कुछ भी दर्द का पता भी नहीं चलता है। किसी – किसी को ऑपरेशन के बाद उल्टी भी हो सकती है,ये इसलिए होती है क्युकी मरीज को एनेस्थीसिया दिया जाता है या बेहोशी की दवाइयों की वजह से होता है। इससे कभी भी मरीज को घबराना नहीं चाहिए।

छुट्टी के बाद मरीज नाहा भी सकता है,इससे कोई परेशानी नहीं होती, ऑपरेशन के बाद मरीज को 3 परहेज रखने को कहा जाता है – (1) भारी वजन न उठाये अगर मरीज कोई भारी वजन वाला काम करता है या भारी वजन उठता है तो ऑपरेशन वाली जगह पर तनाव या खिचाव पड़ सकता है,

(2) मरीज को अगर कब्ज की शिकायत है तो उन्हें डॉक्टर हमेशा दवा लेने को कहते है ताकि मरीज को कब्ज की समस्या न रहे। या अपने खाने में बदलाव की ज़रूरत होती है ताकि मरीज आपने मल आराम से त्याग सके। पेट पर या हर्निया के ओरिसेस पर ज़ोर न पड़े और दर्द न रहे या ऑपरेशन वाली जगह पर कोई दिक्कत न आये

(3) अगर किसी मरीज को खांसी की या साँस रोग की समस्या है तो उनको खांसी और साँस रोग की दवाई लेनी की सलाह दी जाती है क्युकी खांसी करने से मरीज के पेट पर प्रेशर पड़ता है। जिससे फिर से हर्निया होने की खतरा बढ़ जाता है।

कुछ सावधानिया – hernia treatment  

अगर आपको ऐसी कोई परेशानी हो रही है जैसे – सूजन आना, या खांसी के साथ गड गड की आवाज आना या शरीर के किसी भी भाग में फूलना या फूल के बैठ जाना या सोने के बाद उसका अंदर चले जाना अगर ऐसा हो रहा हो तो तुरत अपने डॉक्टर को दिखाए हो सकता है की ये एक हर्निया की समस्या हो। जिसका की एक मात्र इलाज ऑपरेशन ही है।

अगर आपको और भी कोई जानकारी चाहिए हर्निया के ऊपर तो आप कमेन्ट में पूछ सकते है।

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