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black fungus | अचानक ब्लैक फंगस होने की वजह | इतना खतरनाक क्यों?2021

जानिए ब्लैक फंगस क्यों हो रहा है / क्या है ब्लैक फंगस / कोरोना से ठीक होने के बाद भी क्यों मर रहे है मरीज?

black fungus-

दुनिया भर में कोरोना तबाही मचाने के बाद अब ब्लैक फंगस आ चूका है। जिससे मरीजों की जान जा रही है। जिसका इलाज अभी सम्भव नहीं हुआ है। भारत में ब्लैक फंगस तेजी से फैल रहा है। जिस मरीज को कोरोना हुआ था और ठीक भी हो चूका था उन लोगो को बहुत ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है। क्योंकी कोरोना मरीजों को ही black fungus ज़्यादा हो रहा है।

कोरोना के मरीजों को इसलिए ज़्यादा खतरा है क्युकी उनकी शरीर की इम्मयूनिटी सिस्टम बहुत ज़्यादा कमजोर हो जाती है और साथ ही साथ बहुत ज़्यादा स्ट्रोरोइड भी लेना शुरू कर देते है जिसकी वजह से शरीर में बनने वाली एंटी बैक्टीरियल नस्ट हो जाता है जो हमे बाहरी इंफेक्शन और फंगल इंफेक्शन से बचता है इस सिस्टम के कमजोर हो जाने के कारण ब्लैक फंगस को मौका मिल जाता है शरीर के खास तरह के धमनियों को नुकसान पहुंचने का।

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ब्लैक फंगस जिसेम्यूकोर माइकोसिस (mucormycosis) भी कहा जाता है।

हम आपको ये बताना चाहते है की ब्लैक फंगस आपके शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है। एक रिसर्च में पता चला है की ब्लैक फंगस आपके नाक के रस्ते होता हुआ गले तक पहुँचता है और इसे गले में कैरोटिक आर्टरी की धमनी में मिल जाती है। एक बार ये धमनी तक चला जाए फिर ये आपकी आँखों तक पहुंच कर आँखों को ख़राब कर देता है जिसकी वजह से आँखों को निकालना पड़ता है ये वही धमनी है जो आँखों तक खून पहुंचने का काम करता है।

black fungus
black fungus

आर्टरी का ये हिस्सा आँखों तक जाता है। ये आखो में खून पहुंचाने का काम करता है। बैक फंगस इसी खून में पहुंच जाता है और फिर आँखों तक पहुंच कर ब्लड रेसेस को सुखाना शुरू कर देते है। इसलिए black fungus होने वाले मरीजों के आँखों को निकलना पड़ता है। क्युकी ब्लैक फंगस होने की वजह से आंखे धीरे धीरे ख़राब हो जाती है और आँखों के चारो तरफ काले निशान पढ़ने लगते है। और आखिर में ये ही एक उपाए बचता है की आँखों को निकल दिया जाये। जिससे इंफेक्शन आगे न बढे, इस तरह के मामले भारत में बहुत तेज़ी से फैल भी रहे है, अगर ये मामला अधिक दिनों में ज़्यादा गंभीर हो जाए तो ये आपके दिमाग तक भी पंहुचा सकता है।

ब्लैक फंगस होने के लक्षण –

आपको कैसे पता चलेगा की आपको ब्लैक फंगस हो गया है –

सबसे पहले तो आपकी आँखे बहुत ज़्यादा लाल हो जाएगी अगर आँखों में दर्द या लाल पन आ जाये तो आप इसे बिलकुल भी नजर अंदाज न करे। black fungus होने पर आपकी आँखे अचानक लाल हो जाती है, आँखों में सूजन का होना, तेज दर्द,नजर कम होना, कभी कभी बहुत ज़्यादा फंगस का इंफेक्शन होने से मरीज को पूरा दिखाना भी बंद हो जाता हैबुखार आना, खांसी आना, सर में दर्द होना, साँस लेने में परेशानी होना, खून की उलटी होना ,मानसिक स्वस्थ पर बुरा असर पढ़ना, दादो में दर्द, सीने में दर्द ऐसे ही इस बीमारी के लक्षण है।

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कोरोना के मरीज को ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत पढ़ती है-black fungus

कोरोना के मरीज आँख के लालिमा या सूजन को बिलकुल भी नज़रअंदाज़ न करे क्युकी ये कोरोना के मरीजों को ही ज़्यादा हो रहा है। जब आपके दिमाग तक ये फंगस पंहुच जाता है तो मरीज को अचानक ही लकवा मार जाता है। और मिर्गी का दौरा भी बढ़ने लगता है,

या मरीज चलते चलते या कुछ काम करते समय बेहोश होने लगता है। सर में बहुत ही ज़्यादा तेज दर्द होने लगता है जिसे आप बर्दाश नहीं कर सकते। कई बार इससे मरीज की मौत भी हो जाती है। म्यूकोर माइकोसिस एक अलग तरह का फंगस है जैसा की हमने आपको बताया है की ये नाक के जरिये आपके गले तक पहुँचता है और फिर आँखों तक फिर आपके दिमाग तक पहुंच जाता है।

ये फंगस ब्लड में मिल कर कई धमनियों को नुकसान पहुँचता है। इस फंगस की वजह से ब्लड रेसस सुख जाती है। ये एक गैंगरिंग की तरह होता है जैसे ये जिस हिस्से पर भी होता है वह पर काले काले धब्बे पढ़ना शुरू हो जाते है। इसलिए इसे black fungus कहा जाता है।

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black fungus
black fungus

इस बीमारी से कैसे बचे ?

इस बीमारी से बचने के लिए शुगर के मरीजों को ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है, कोरोना से बचने के बाद ब्लड के लेवल को हमेशा चेक करते रहना चाहिए, स्ट्रोरोइड का सेवन कम करे और अपने डॉक्टर की सलाह से ही करे सही समय पर करे ,औक्सीजन थेरेपी के समय क्लीन स्ट्रोय वाटर का ही इस्तेमाल करे, अगर आपको कुछ ऐसे ही लक्षण दिखाई देते है तो अपने डॉक्टर की सलाह ले और एंटी बायोटिक और एंटी फंगल दवाइयाँ ले। इस बीमारी को सही समय पर ध्यान दे कर इससे बचा जा सकता है। लक्षण दिखने के बाद तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्युकी आपको कुछ सर्जरी की प्रक्रिया से भी गुजरना पढ़ सकता है। और अगर इसकी शुरुवाती लक्षण के समय ही एंटी बायोटिक और एंटी फंगल की दवाइया शुरू करे तो इससे बचा जा सकता है।

कुछ सावधानियाँ – black fungus

जिस मरीज को शुगर की बीमारी है उन्हें खास तौर पर ज़्यादा सावधान रहने की जरूरत है। , अगर आप स्ट्रोरोइड ज़्यादा ले रहे है तो भी आपको ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है, और अगर आप कोरोना के मरीज है और किसी हॉस्पिटल में एड्मिट है और आपको औक्सीजन लगा हुआ है तो भी आपको ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है। क्युकी औक्सीजन वाली पाइप के रस्ते से ये आपके दिमाग तक पहुंच सकता है।

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