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bhap- इस तरीके से भाप ले कोरोना नहीं होगा | भाप लेने के फायदे

भाप लेने का सही तरीका क्या है लाभ और नुकसान

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अगर सही तरीके से भाप लिया जाए तो कोरोना वाइरस को पहले ही रोका जा सकता है

इस बात में कितनी सच्चाई है ? आज कल इंफेक्शन की वजह से औक्सीजन की कमी हो रही है। और कुछ मरीज तो ऐसे भी होते है जिन्हे दमे की शिकायत होती है, कभी डस्ट वाला काम करे तो भी साँस लेने भी परेशानी हो जाती है। इसलिए आज हम इस दोनों ही परेशानी के बारे में जानेंगे की हम घर पर ही इसका समाधान कैसे कर सकते है। और अगर हॉस्पिटल की ज़रूरत पड़े तब क्या करना चाहिए।

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कैसे पता करे की शरीर में औक्सीजन की कमी हो गई है ?

सबसे पहले तो ऑक्सी मीटर होता है

जिसकी मदद से हम अपने शरीर का औक्सीजन लेवल चेक कर सकते है। ये आपको किसी भी मेडिकल शॉप में आसानी से मिल जायेगा। इसे आप अपने बिच की उंगली पर लगाए ये आपको शरीर में कितना औक्सीजन का लेवल है ये बताएगा और आपकी हार्ट की राइडिंग भी बताएगा जिससे की आपको पता चल जायेगा की आपको औक्सीजन की कमी है या नहीं।

जैसा की निचे तस्वीर में दिखाया गया है की औक्सीजन का लेवल 99 % है और हार्ट रेट 92 % है तो ऐसे आप पता लगा सकते है। और दूसरी बात ये है की औक्सीजन का लेवल 94 % से ज़्यादा होना ही चाहिए अगर हम हेल्दी है तो, और अगर 93% या 90% के निचे चला जाये तो हमे साँस लेने में परेशानी हो सकती है ऐसे में हमे औक्सीजन की ज़रूरत पड़ सकती है।

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बिना मशीन के पता करे शरीर का औक्सीजन लेवल-bhap 

जब मशीन न हो तो आप ऐसे भी चेक कर सकते है

आपको ये देखना है की आप 500 या 1 किलोमीटर चल सकते है या नहीं। अगर चलने में कोई परेशानी नहीं आती है तो आपका औक्सीजन लेवल अच्छा है और अगर आप रनिंग कर सकते है

तो आपका 95 % से ज़्यादा औक्सीजन होगा, लेकिन कुछ मामलों में अगर आपको छोटे मोठे काम करने में परेशानी हो रही है या आपकी साँस फूल रही है जैसे घर के कुछ काम करना सीढ़ी चढ़ना या बाथरूम तक जाने में दिक्कत हो रही है तो 85 % से भी कम औक्सीजन का लेवल गिर सकता है।

बहुत से लोग डर जाते है जब औक्सीजन का लेवल नहीं बढ़ता और बहुत ज़्यादा टेशन लेने लगते है ऐसे में औक्सीजन में और भी कमी आती है।

आपको डरना नहीं है कुछ उपाए है जिसकी वजह से आप अपना औक्सीजन का लेवल बढ़ा सकते है। सबसे पहले तो अपने घर का वेंटिलेशन या खिड़की हमेशां खोल कर रखे जिससे घर के अंदर पर्याप्त हवा आ जा सके। दूसरा तरीका ये है की आपको अपने खाने का थोड़ा ध्यान रखना है। अपने खाने में हाइड्रेशन अच्छा रखे लिक्विड डाइट ज़्यादा ले, आपके खाने में कच्ची चीज़े ज़्यादा होनी चाहिए जैसे सब्जियाँ अंकुरित अनाज या सलाद।

डेड फ़ूड से रखे दूर

डेड फ़ूड क्या है? जैसे – बेकरी के प्रोडक्ट्स है कोई भी बासी भोजन जो पहले से बना कर रखा जाता है। पैकेट वाले खाने ये बहुत सी अक्सी लेवल को कंज्यूम कर लेते है, इनसे बहुत औक्सीजन लेवल कम होता है। जंक फ़ूड नहीं लेना चाहिए, तली भुनी चीज़े न ले, केक,पेटीज,पेस्ट्री,पिज़्ज़ा,पास्ता,बर्गर ये सब चीज़े बंद करना होगा आपको और आपको अपने खाने की आदते भी सुधरने की भी ज़रूरत होगी अगर देरी से खाना खाने की आदत है तो आपको जल्दी खाना खा लेना चाहिए।

योग करने से मिलता है लाभ – bhap 

रोजाना आपको योगा करना चाहिए इससे भी आपका औक्सीजन लेवल बढ़ता है आलोम विलोम,कपाल भारती या प्राणायाम करने से आपको काफी फायदा होगा। औक्सीजन लेवल को बढ़ने के दो पार्ट है –

(1) फिजिकल एक्टिविटी (2) इमोशनल पार्ट इसमें कई बार हम कुछ दुखी खबर सुन के बहुत ज़्यादा सैड हो जाते है और बहुत इमोशनली भी हो जाते है। इसलिए आपको हमेशा दोनों तरीको से फिट रहना है जिससे की आपका औक्सीजन का लेवल कम न हो। योगा करने से लंग्स की काम करने की क्षमता अधिक बढ़ती है।

इसके अलावा आप पेट के बल लेट सकते है अपने सीने पर और जंगो पर तकिया लगा कर सोये आपका सर थोड़ी ऊंची पोजीशन पर होना चाहिए इससे साँस लेने में अच्छी मदद मिलती है और आपके लंग्स की जीतनी भी अंग काम करना बंद हो गया है वो भी काम करना शुरू हो जायेगा। जिससे आपको औक्सीजन की कमी नहीं होगी।

भाप लेने के फायदे – 

bhap को साँस के साथ इन्हेल करना एक अच्छी और घरेलु उपचार माना जाता है। भाप लेना एक बहुत ही सरल प्रयोग है जिससे साँस की नली और फेफड़ो में जमे बलगम और बंद रस्ते खोलने में मदद करता है। जिससे साँस लेने में बहुत मदद होती है,

आज कल कोरोना वाइरस की वजह से बहुत से लोगो को साँस लेने में परेशानी हो रही है क्युकी कोरोना वाइरस फेफड़ो पर ही अटैक कर रहा है जिससे कुछ दिनों में ही 50% से भी ज़्यादा फेफड़े ख़राब हो जाते है और मरीज को साँस लेने में परेशानी होने लगती है। और औक्सीजन की कमी के कारण मरीज की मौत हो जाती है। इसलिए सही समय में सही इलाज करना बहुत ज़रूरी हो जाता है जिससे मरीज की जान बच सके।

भाप कब लेना चाहिए –

भाप लेने का सही समय तब होता है

जब आपको थोड़ा थोड़ा सिमटम्स नजर आने लगे बहुत से लोग बहुत देरी कर देते है जिसकी वजह से बाद में भाप भी काम नहीं कर पाता अगर पहले ही भाप लिया जाए तो कोरोना के जो हलके सिमटम्स है वो ख़त्म हो जाते है और आपको पता भी नहीं चलता।

कोरोना वाइरस आपके साँस के जरिये आपके फेफड़ो तक पहुँचता है पर वाइरस को भी आपके फेफड़ो को ख़राब करने के लिए 3 से 4 दिन या ज़्यादा समय लगता है चौथे दिन में आपको खांसी आना शुरू हो जाता है इसका मतलब ये है की वाइरस ने अपना काम करना शुरू कर दिया है। अब इसी समय आपको तुरंत bhap लेना शुरू कर देना चाहिए। जिससे कोरोना का सिमटम्स आगे न बढे और गर्म भाप में दवाई का असर होना शुरू हो जाए।

भाप लेने का सही तरीका

भाप लेने की दो प्रक्रिया होती है। पहला है – (1) NEBULIZER की मदद से आप भाप ले सकते है और दूसरा है – (2) किसी भी बर्तन में पानी को इतना गर्म करे की पानी खौलना शुरू हो जाए जिससे की भाप आपके चेहरे तक आये।

क्या होता है भाप लेने से – भाप लेने से बंद नाक खुल जाती है, और भाप लेने से नाक,गला,और फेफड़ो में जमा बलगम पिघलना शुरू हो जाते है जिसके बाद बलगम को बहार निकलना बहुत ही आसान हो जाता है। गर्म भाप में साँस लेने से फेफड़े का पूरा मार्ग खुल जाता है

और फेफड़े अच्छे से काम करते है जिससे सारे सेल्स को भरपूर औक्सीजन मिलता है। bhap के गर्म होने से गले और फेफड़ो में कई तरह के बैक्टीरिया और वाइरस की मात्रा में कमी आती है। जिससे वाइरस का संक्रमण कम हो जाता है। भाप लेने से साइनस और फेफड़ो का सूजन भी कम हो जाता है।

NEBULIZER – से भाप लेना

इसमें बहुत ही आसानी से आप bhap ले सकते है इस मशीन की मदद से नाक और मुँह दोनों से साँस लेनी होती है और इस पर एक लिक्विड भी डाला जाता है जो आपको मेडिकल शॉप में मिल जाएगा। आपको इसका इस्तेमाल तब तक करना है जब तक इसका लिक्विड ख़त्म नहीं हो जाता।

(भाप के बेनिफिट्स नाक के इर्रिटेशन को कम करता है गले और नाक के ड्राईनेस को कम करता है और मॉइस्ट भी करता है इन्फ्लेमेशन को कम करता है और म्यूकस को लुस करता है इसके अलावा गले के मसल्स को रिलेक्स करता है और खासी  को भी कम करता है)

घर पर बिना मशीन के भाप कैसे ले और किन चीज़ो का इस्तेमाल करे ? bhap 

सबसे पहले आपको एक बड़े बर्तन में 1 लीटर पानी को गर्म करे जब पानी अच्छी तरह से गर्म हो जाये और भाप आने लगे फिर इसमें कुछ पुदीना के पत्ते, नीम की कुछ पत्तिया और एक चम्मच अजवाइन डाल कर इसकी भाप ले एक तौलिया अपने सर पर डाल कर भाप को ढके ताकि सारा भाप आपके चेहरे पर आये। (भाप लेते समय आपको अपनी आँखे बंद ही रखनी है, और गर्म पानी से जलने से बचे)

इसके आलावा पानी में भाप वाली केप्सूल भी आती है (करवाल प्लस या sinarest,genvol) आप वो भी डाल सकते है , भाप लेते समय नाक और मुँह दोनों से साँस अंदर की तरफ ले ताकि नाक और गले दोनों से ही इंफेक्शन कम हो सके। इससे आपके फेफड़ो के अंदर तक भाप जाती है जिससे इंफेक्शन कम हो जाता है और वाइरस को आगे बढ़ने से रोकता है।

कुछ नुकसान और सावधानिया – 

भाप को शांत और अकेले में लेना ठीक होता हो भाप लेते समय अपनी आँखों को हमेशा बंद ही रखना चाहिए क्युकी गर्म भाप आपकी आँखों की परेशानी को बढ़ा सकता है। भाप लेते समय गर्म पानी के बर्तन को उचित दूरी पर ही रखे। जब भी आप भाप ले तो 5 मिनट से ज़्यादा भाप न ले अगर आपको ज़्यादा आवश्यकता है तो दिन में 3 बार भाप ले सकते है।

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