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थायराइड के लक्षण | थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार 2021

थायराइड के लक्षण –

(image credit by cherian_in)

थायराइड भी एक तरह का हॉर्मोन होता है जो हमारे शरीर के लिए एक ज़रूरी पार्ट होता है। जो की हमारे शरीर के हर एक काम को प्रभावित करता है। ये एक ज़रूर विषय है जिसके बारे में हम सबको पता होना चाहिए। इसलिए आज के इस लेख में हम जानंगे थायराइड के बारे में की –

  • क्या है थायराइड ?
  • थायराइड होने के क्या क्या कारण है ?
  • जब थायराइड हो जाये तो हमारे शरीर में क्या क्या सिमटम्स नजर आते है ?
  • थायराइड में किन-किन चीज़ो का सेवन नहीं करना चाहिए ?
  • क्या क्या घरेलु उपाए किये जा सकते है थायराइड के होने पर ?

यानि किन चीज़ो के सेवन करने से हम थायराइड की बीमारी से छुटकारा पा सकते है। थायराइड के बारे में आज हम आपको डिटेल्स में सारी जानकारी देने वाले है इसलिए आप इस पोस्ट को पूरा ज़रूर पढ़े ताकि आपको सही जानकारी मिल सके।

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थायराइड क्या होता है ?

एक प्रकार का (ग्लेंड) यानि एक ग्रंथि होती है जो की हमारी गर्दन के निचले वाले भाग पर होता है जिसका आकार देखने में एक बटरफ्लाई की तरह होता है। थायराइड ग्रंथि का काम हमारे शरीर में थायरोक्सिन हॉर्मोन बना कर हमारे रक्त तक पहुंचना होता है। जिससे शरीर का मेटाबोलिजम कंट्रोल में रहता है, यानि जो भी खाना हम खाते है। ये उसे ऊर्जा में बदलने का काम करता है। इसके साथ साथ यह हमारे पाचन तंत्र को कंट्रोल करता है। और साथ ही हमारे शरीर के शक्ति को भी कंट्रोल करता है और शरीर में प्रोटीन के उत्पादन को भी कंट्रोल करने में मदद करता है।

थायराइड ग्रंथि दो प्रकार का हॉर्मोन बनता है। (थायराइड के लक्षण)

  • पहला (T 3) ट्राय आयोडो थायरोनाइन कहा जाता है
  • दूसरा (T 4) थायरॉक्सिन कहा जाता है।

जब थायराइड ग्रंथि से निकलने वाली इन दोनों हॉर्मोन्स इंबैलेंस हो कर असंतुलित हो जाते है, और सही से ये अपना काम नहीं कर पाते जिसकी वजह से थायराइड ग्रंथि ठीक से हॉर्मोन नहीं बनाते। यानि कभी बहुत ज़्यादा बनती है या तो बहुत कम बनती है। तो इससे थायराइड की बीमारी हो जाती है। ये बीमारी ज़्यादा तर महिलाओं को ज़्यादा होती है और पुरुषों को कम होती है। थायराइड की बीमारी के लक्षणों का आसानी से पता नहीं चलता जिसकी वजह से थायराइड होने के बाद भी ज़्यादा तर लोगो को पता नहीं होता है और फिर समस्या बढ़ जाती है।


थायराइड दो प्रकार का होता है। (two types of thyroid)

  • (1) होएरथयरॉइडिस्म (hyperthyroidism) – इसमें थायराइड ग्रंथियाँ ज़रूरत से ज़्यादा हॉर्मोन्स को बनती है।
  • (2) ह्य्पोथरॉइडिस्म (hypothyroidism) – इसमें थायराइड ग्रन्थियाँ ज़रूरत से कम हॉर्मोन्स को बनती है।

थायराइड होने के कारण?

  • 1 – भोजन में आयोडीन की मात्रा कम या अधिक होना

हमारे भोजन में आयोडीन की कमी या अधिक मात्रा वाले आयोडीन भोजन का सेवन करना, पहले तो आपको ये बता दे की हमारा शरीर खुद से ही आयोडीन नहीं बना पाता है। यदि आप आपने आहार में आयोडीन कम लेते है तो इससे ह्य्पोथरॉइडिस्म होने की संभावना होती है। और अगर आप अधिक मात्रा में आयोडीन का सेवन करते है तो इससे आपको होएरथयरॉइडिस्म की प्रॉब्लम हो सकती है।

  • 2 – बच्चो में जन्म से थायराइड की समस्याए होना- 

कुछ बच्चो में अपने जन्म से ही थायराइड की बीमारी हो जाती है। जी है दोस्तों कई बार कुछ बच्चो में उनके जन्म से ही थायराइड ग्लेंड ठीक से विकसित नहीं हो पाती है या फिर ठीक से काम नहीं कर पाता। इस समस्या को कन्जेरिटल ह्य्पोथरॉइडिस्म भी कहा जाता है।

  • 3 – प्रेगनेंसी में हार्मोनल बदलाव (during pregnancy)

प्रेगनेंसी के समय शरीर में कुछ हार्मोनल बदलाव आते है इसलिए भी थायराइड हो सकता है।

  • 4 – कुछ दवाईयों की वजह से-

दिल के इलाज या कैंसर की बीमारी में इस्तेमाल करने वाली कुछ दवाइया ऐसी होती है जो थायराइड के उत्पादन को कम करती है। ऐसी में ह्य्पोथरॉइडिस्म की परेशानी हो जाती है।

  • 5 – वंशानुगत

यदि आपके परिवार में किसी को भी थायराइड की समस्या है तो ये भी एक कारण हो सकता है।

  • 6 – सोयाबिन से बनी चीज़े (soya products)

यदि आप अपने भोजन में कुछ ज़्यादा ही सोया प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते है जैसे – सोयाबीन्स,सोया मिल्क,टोफू आदि का सेवन करते है तो इससे कारण भी थायराइड की समस्या हो सकती है।

  • 7 – तनाव

इसका एक बड़ा कारण है तनाव का होना – जब तनाव का स्तर बढ़ जाता है तो इसका सबसे बुरा असर हमारी थायराइड ग्लेंड पर पढता है जिसके कारण भी थायराइड रोग हो जाता है।


थायराइड के लक्षण –

अब हम जानते है की अगर थायराइड हो जाये तो हमारे शरीर में क्या सिमटम्स आते है?

  • अधिक वजन का बढ़ना

थायराइड की वहज से मेटाबोलिजम अधिक प्रभावित होता है यानि हम जो भी खाते है, वो पूरी तरह से हमारे शरीर में एनर्जी में नहीं बदलता है। जिसकी वजह से हमारे शरीर में फैट जमा होने लगता है और मोटापा तेजी से बढ़ने लगता है।

  • शरीर में अधिक थकावट का होना

अगर आप हमेशा बिना कोई काम किये ही बहुत जल्दी थक जाते है तो या बहुत ज़्यादा कमज़ोरी महसूस होती है तो आपको थायराइड की प्रॉब्लम हो सकती है।

  •  ठंड या गर्मी का सेहन न कर पाना

थायराइड होने पर मौसम का प्रभाव हमारे शरीर पर ज़्यादा होने लगता है। अगर आपको ज़्यादा ठंड बर्दाश नहीं हो रहे हो या न ही ज़्यादा गर्मी बर्दाश हो रही हो तो ये ह्य्पोथरॉइडिस्म का भी एक कारण हो सकता है।

  • आवाज का भारी हो जाना

अगर आपकी आवाज में भारीपन होता है या आपकी आवाज बदल जाती है तो इसे आप बिलकुल भी नजर अंदाज न करे क्युकी ये भी थायराइड हो सकता है।

  •  डिप्रेशन का होना

अगर थायराइड ग्रंथि कम मात्रा में थायरेक्सीन बनाती है, तो इससे डिप्रेशन वाले हॉर्मोन्स एक्टिव हो जाते है। और डिप्रेशन का होना ये थायराइड का एक बड़ा लक्षण भी है। इसकी वजह से आपको नींद न आने की समस्या शुरू हो जाती है।

  • बालो का झड़ना

यदि आपके बाल कुछ ज़्यादा ही झड़ने लगे है या बाल रूखे से हो रहे हो तो भी आपको थायराइड की समस्या हो सकती है।

  • शरीर के मांसपेशियों और जोड़ो में दर्द का होना

मांसपेशियों और जोड़ो में दर्द को भी कोई आम समस्या न समझे और अगर आपको ऐसी परेशानी शुरू हो गई है तो आप तुरंत ही थायराइड का टेस्ट करवाये

  •  त्वचा का सुखना

थायराइड में त्वचा तुरंत ही सूखने लगती है त्वचा में रुखा पन आने लगता है,त्वचा के ऊपरी हिस्से के सेल्स को नुकसान होने लगते है।

  •  नाखुनो का टूट जाना (थायराइड के लक्षण)

अगर आपको थायराइड की प्रॉब्लम है तो आपके नाख़ून ज़्यादा और जल्दी टूटने लगते है। नाख़ून का पतला हो जाना रूखे और बेजान जैसे दिखाई देने लगते है।

  • कब्ज (constipation problem)

आपको अगर लगातार कब्ज की समस्या शुरू हो गई है तो या कब्ज रहता हो तो आपको थायराइड की समस्या हो सकती है।


थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए? (What should not be eaten in thyroid?)

  • चीनी वाले खाद्य सामग्री –

ह्य्पोथरॉइडिस्म के कारण शरीर का मेटाबोलिजम धीमा भी हो सकता है जिससे आपका वजन अधिक बढ़ सकता है। चीनी की अधिक मात्रा वाले भोजन या फ़ास्ट फ़ूड, कोल्डड्रिंक, चोकलेट, केक,पेस्ट्री आदि – का सेवन न करे क्युकी इन सारे फ़ूड में ज़रा भी पोषक तत्व नहीं पाए जाते है और अधिक कैलोरी होती है। जो आपके मोटापे को और बढ़ने का काम करता है।

  • सोयाबीन्स प्रोडक्ट्स (soya products)(थायराइड के लक्षण)

सोया प्रोडक्ट्स जैसे सोया बिन,सोया मिल्क, टोफू और भी बहुत सारे सोया से बनी प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाले फाइटो एस्ट्रोजन्स उन एंजाइम के कार्यो में रुकावट पैदा कर सकती है जो थायराइड हॉर्मोन का निर्माण करते है। इसलिए आपको सोया के प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

  • अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करना –

अगर आप चाय या कॉफी की अधिक मात्रा लेते है तो आपकी थायराइड की समस्या और भी ज़्यादा बढ़ सकती है।

  • क्रुसिफेरोउस वेजिटेबल –

कुछ ऐसी सब्जिया जैसे ब्रोकली पत्ता गोभी, फूल गोभी,शलजम आदि फाइबर और कई पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है लेकिन आपके शरीर में आयोडीन की कमी है तो ये सब्जिया थायराइड हॉर्मोन की बनने की मात्रा को कम करता है। इसलिए जिन्हे ह्य्पोथरॉइडिस्म की परेशानी है उन्हें क्रुसिफेरोउस सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • भोजन में आयोडीन की मात्रा का अधिक होना।

थायराइड ग्लैड हमारे शरीर से आयोडीन ले कर थायराइड हॉर्मोन का निर्माण करते है, इसलिए हाईपर थायरिजम की परेशानी है तो अपने भोजन में अधिक अधिक आयोडीन का सेवन न करे।

  • ग्लूटेन फ़ूड (थायराइड के लक्षण)

ग्लूटेन फ़ूड का काम थायराइड हॉर्मोन का उत्पादन धीमा कर देती है और इसके साथ साथ ये ह्य्पोथरॉइडिस्म का खतरा भी बढ़ा देता है। ग्लूटेन एक प्रकार का प्रोटीन ही होता है जो की हमारे कई प्रकार के भोजन या अन में पाया जाता है , जैसे – गेहू,जौ और अन्य अनाजों के प्रोसेस से बने फ़ूड जैसे पास्ता,ब्रेड,मैदा,और सेव्वैया आदि में कम या अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसलिए ग्लूटेन फ़ूड थायराइड के मरीजों को नहीं देना चाहिए ये फ़ूड इनके लिए हानिकारक होते है इसलिए इनका सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए।

  • जंक फ़ूड

जंक फ़ूड जैसे तली भुनी हुई मसालेदार पास्ता,बर्गर,पिज़्ज़ा,पेस्ट्री,नूडल्स आदि का सेवन नहीं करना चाहिए क्युकी ये ऐसे फूड्स है जिसमे आपको न ही कोई प्रोटीन मिलता है और न ही विटामिन्स और पोषक तत्व की भी कमी होती है जिससे कोलोस्ट्रोल बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।


thyroid को दूर करने के कुछ घरेलु उपाय

  • सेज की चाय का सेवन करे

सेज जिसे तेज पत्ता भी कहते है इसका रोजाना इस्तेमाल करे तो आप थायराइड की प्रॉब्लम से आपको छुटकारा मिल सकता है। तो ये भी जान लेते है की इसे कैसे बनाना है – पहले एक बर्तन में एक कप पानी ले और उसे गर्म कर ले जब पानी अच्छे से उबाल जाए तो उसे गैस से उतार ले फिर उसमे तेज पत्ता को बारीक़ टुकड़े कर के डाल दे और 15 मिनट के लिए छोड़ दे फिर इसे छान कर कप में निकल ले आप चाहे तो इसमें शहद और नींबू मिला कर पी सकते है। अगर आप इसका सेवन खाली पेट करते है तो ये आपके थायराइड के रोग में बहुत ज़्यादा फायदा करेगा। पर आपको इस बात का भी ध्यान रखना है की गर्भवती महिलाये या जिन्हे मिर्गी की समस्या है वो इसका सेवन न करे।

  • साबुत धनिया का पानी – (थायराइड के लक्षण)

धनिया का पानी से भी आपको काफी फायदा मिलता है। पानी में भीगे हुवे साबुत धनिया के पानी में पोटेशियम,मैग्नीशियम,कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। जो थायराइड के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। इसे कैसे बनाये – एक बर्तन में 2 चम्मच धनिया के बीज ले और इसे 1 गिलास पानी में रात भर के लिए भिगो कर रख दीजिये और सुबह आप इस पानी को 10 मिनट अच्छे उबाल ले फिर जब पानी आधा गिलास बच जाए तो इसे उतर ले और छान कर चाय की तरह इसे पीये।

  • दालचीनी,अजवाइन और मेथी पाउडर का सेवन करने से फायदा

आपको इन सभी में से 25 – 25 ग्राम लेना है और इसका पाउडर बनाना है, और इन को आप मिक्स कर ले और मिश्रण को रोजाना एक छोटा चम्मच एक गिलास गर्म पानी में मिक्स कर के पीना है। इससे आपकी थायराइड की समस्या जल्दी ही ठीक हो जाएगी।

  • अदरक का पानी

ऐसे ही एक और आपको थायराइड की समस्या से राहत देना वाला नुस्खा है – अदरक का पानी, – अदरक में एंटी इन्फ्लामेन्ट्री गुण पाए जाते है जो थायराइड को बढ़ने से रोकने में मददगार होता है। इसके साथ साथ इसमें भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम,ज़िंक,पोटेशियम भी पाया जाता है। इसे बनाने तरीका – (इसके लिए आप एक बर्तन में एक गिलास पानी ले छोटा टुकड़ा अदरक का ले और इसे बारीक़ घीस कर डाल दे फिर इस पानी को अच्छी उबलने दे जब पानी एक कप बच जाए तो इसे गैस से उतर ले और छान कर निकाल ले और गरमा गर्म छाए की तरह इसे रोजाना पीये)

  • लौकी का रस

आपको रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास लौकी का जूस पीना है ये आपके लिए बहुत ही ज़्यादा फायदेमंद होगा और अगर आप इसे बनाते समय 4 से 5 तुलसी के पत्ते डाल दे तो आपको और भी ज़्यादा फायदा होगा।

  • अनानास का सेवन करना चाहिए

सुबह सुबह आप अनानास का जूस पी भी खा सकते है। आपको बता दे की अनानास को थायराइड किलर माना जाता है अगर आप रोजाना अनानास का सेवन करते है तो आपको ज़्यादा से ज़्यादा फायदा मिलेगा क्युकी अनानास में विटामिन C और प्रोमलेन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें एंटी औक्सीडेंट होता है। अनानास का जूस weight loss करने में भी मदद करता है।

  • उज्जायी प्राणायाम

दोस्तों शरीर को फिट रखने के लिए बहुत सारे योगा किये जाते है उनमे से ही एक उज्जायी प्राणायाम है। आपको कम से कम दिन में एक बार उज्जायी प्राणायाम ज़रूर करना चाहिए रोजाना इसे करने से आपके थाइराइड में ज़्यादा फायदे देखने को मिलेंगे।

(ध्यान दे – थायराइड में आपको अपना वजन को बढ़ने नहीं देना है कंट्रोल में रखना है।)


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