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डायबिटीज का उपचार करे आयुर्वेदिक तरीको से 2021

डायबिटीज का उपचार -डायबिटीज क्या होता है?

डायबिटीज या शक्कर की बीमारी भी कह सकते है। डायबिटीज की बीमारी एक ऐसी बीमारी बन गई है की अब ये हर घर तक पहुंचते जा रही है भारत में 100 में से 65 % लोगो को डायबिटीज हो रही है। डाइबिटिज के मामले में भारत दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

आज हम आपको विस्तार से बताएँगे की क्या है ये डायबिटीज की बीमारी और हमारे शरीर में ये क्यों शुरू हो जाता है और कैसे शुरू हो जाता है। सबसे पहले तो ये जान लेते है की हम जो भी खाना खाते है। इन खाने में तीन प्रकार के मेट्रो न्यूट्रियल होते है (1) कार्बोहाइड्रेड (2) प्रोटीन (3) फैट,

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 कार्बोहाइड्रेड

पहले जानते है कार्बोहाइड्रेड के बारे में – जब भी हम खाना खाते है तो ये खाना हमारे पाचन क्रिया में जाता है। और ये पचने के काम में लग जाता है। फिर खाना पचने के बाद ये कार्बोहाइड्रेड छोटे छोटे केमिकल में बन जाता है जिसे हम ग्लूकोस भी कहते है, ये ग्लूकोस हमारे पाचन तंत्र और ऑर्गन इंटेस्टाइन से ये पहुंच जाता है हमारे खून के अन्दर।

फिर ये खून के साथ मिक्स हो कर हमारे शरीर के शर्कुलेशन और हर एक छोटी छोटी कोशिकाओं तक पहुंच जाता है। फिर ग्लूकोस का मॉलिक्यूल पहुँचता है हमारे कोशिकाओं के अन्दर, अब यहाँ पर इन ग्लूकोस को अन्दर जाने के लिए एक खास प्रकार का केमिकल की ज़रूरत पड़ती है जिसे हम इन्सुलिन कहते है। अब ये इन्सुलिन क्या है? हम आपको बताते है ये एक प्रकार का हॉर्मोन होता है या आप इसे एक केमिकल भी कह सकते है। जो हमारे शरीर में पेन्क्रिया नमक से आता है। (डायबिटीज का उपचार)

इन्सुलिन का कार्य – डायबिटीज का उपचार

इन्सुलिन ये चेक करता है की जो आपके शरीर में ग्लूकोस अंदर है वो कोशिकाओं के अंदर जा पाए। अगर किसी वजह से बराबर मात्रा में इन्सुलिन बनाने का कार्य नहीं करता है तो, जैसे की टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के में देखा जाता है। जिसे इन्सुलिन रेजिस्टेंस भी कहते है। या आपके शरीर में इन्सुलिन की कमी है,

जिसे डायबिटीज टाइप 1 भी कहते है। इन दोनों के केस के अंदर हमारे शरीर में इन्सुलिन तो बनता है मगर ये हमारे कोशिकाओं के अंदर नहीं जा पाता है। अगर ग्लूकोस कोशिकाओं के अंदर नहीं जा पायेगा तो सारा ग्लूकोस हमारे खून में ही जमा होता जायेगा ऐसे में खून में ग्लूकोस की मात्रा बहुत बढ़ती जाती है, जो बहुत ज़्यादा ग्लूकोस वाला या शक्कर वाला खून बन जाता है। जिसे हम शक्कर की बीमारी कहते है (शुगर,डाइबिटीज)

डायबिटीज का उपचार
डायबिटीज का उपचार

अगर आपके शरीर में ज़्यादा मात्रा में डायबिटीज है तो आपका जो ब्लड शुगर है वो बढ़ता रहेगा। और इससे बहुत ज़्यादा नुकसान होता है,

पहला – इससे आपको आँखों के समस्या आती है इससे आपकी आँखों की रोशनी भी चले जाती है,

दूसरा – आपके किडनी पर बहुत बुरा असर डालता है आपकी किडनी फेल हो जाने का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

तीसरा – हार्ट पर भी बुरा असर पढता है, शुगर की वजह से केलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है जो बाद में हार्ट डिजीज या हार्ट फेल (हार्ट अटेक) की समस्या आती है।

चौथा – डाइबिटीज की वजह से आपके नर्वस सिस्टम को ठीक से काम करने नहीं देता। और बहुत जल्दी ही शरीर पैरालाइज हो जाता है। यही चार ऑर्गन का इंवोल्मेंट और कॉम्प्लीकेशंस डाइबिटीज के मरीजों को बहुत ज़्यादा होती है।

डाइबिटीज के लक्षण –

  • बहुत से लोगो को डायबिटीज की वजह से बहुत परेशानी होती है, बार बार हॉस्पिटल जाना, बहुत सारे दवाइयों का इस्तेमाल करना आदि। इन लोगो में जो डाइबिटीज के लक्षण दिखाई देते है वो कुछ इस प्रकार से है –
  • अधिक भूख का लगना
  • बार बार प्यास लगना
  • पेशाब बार बार जाना या अधिक जाना
  • वजन का काम हो जाना।

टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण -डायबिटीज का उपचार

  • थकान का अधिक एहसास होना
  • बार बार किसी भी चीज़ का संक्रमण हो जाना
  • नजर का काम दिखना
  • शरीर में खुजली का होना
  • शरीर में कई जगह पर झुनझुनी या चुभन का होना
  • उलटी होना
  • मुँह का बार बार सुखना
  • अगर कोई घाव हो जाए तो उसे ठीक होने में अधिक समय का लगना
  • खून में शुगर का लेवल बढ़ने से दिमागी रूप से कई परेशानी भी आ सकती है बार बार एक ही चीज़ का करना या काम करना, चिड़चिड़ाना,उदास होना, या ठीक से सोचने या समझने की कमी हो जाना।

डायबिटीज से बचने के उपाय –

  • अगर आपको डायबिटीज की बीमारी से बचना है तो आपको अपने जीवनशैली को कुछ हद तक बदलना पड़ सकता है, आपको हमेशां अपने खान पान का ख्याल रखना होगा, उचित आहार और अच्छे जीवनशैली के आधार पर आप डायबिटीज से बच सकते है।
  • आपको सब्जियों में – करेला,लौकी,ककड़ी,खीरा,शलजम,टमाटर,मेथी,पालक,तरोई,गोभी ये सारी सब्जिया आप खा सकते है। (शकरकंद और आलू आपको नहीं खाना है)

फलो में आपको – डायबिटीज का उपचार

  • अमरुद,जामुन,पपीता,संतरा,सेब,अनार, का सेवन करना चाहिए। फलो में क्या नहीं खाना चाहिए – (आम,अंगूर,लीची,केला इस प्रकार के अधिक मीठे फलो का सेवन न ही करे),
  • सूखे मेवे में आप – बादाम,अंजीर,अखरोट खा सकते है, क्या न खायेखजूर,छुआरा, किसमिस इसका सेवन न करे।
  • ध्यान दे की आपको – गन्ने का रस,शक्कर,गुड़,किसी प्रकार की कोई मिठाईया या चॉकलेट का सेवन बिलकुल भी नहीं करना है
  • डायबिटीज के मरीजों को रोजाना व्यायाम करना चाहिए और कुछ देर तक चलना भी चाहिए इन मरीजों को तनाव मुक्त रहना चाहिए।

डायबिटीज को कम या कंट्रोल करने के घरेलु और आयुर्वेदिक उपाए – डायबिटीज का उपचार

अगर आपको डायबिटीज के कोई भी लक्षण दिखाई देते है तो आप इसे बिलकुल भी अनदेखा न करे ये आपके लिए घातक साबित भी हो सकता है आपको डाइबिटीज की रुोकथाम पहले से करनी चाहिए। डायबिटीज के लिए सबसे पहले आपको घरेलु उपाए और आयुर्वेदिक दवा के तरीको को अपनाना चाहिए अगर तब भी आपका शुगर ठीक न हो तो आपको डायबिटीज की एलोपेथी की दवाइयों का इस्तेमाल करना चाहिए। तो चलिए सबसे पहले घरेलु उपाय के बारे में जानते है।

डायबिटीज में फायदेमंद है करेले का जूस-

  • डायबिटीज में फायदेमंद है करेले का जूस – जब आप नियमित रूप से करेले का जूस पीते है तो इससे शुगर की मात्रा कम होना शुरू हो जाता है। इसलिए आपको हमेशा करेले का जूस सेवन करते रहना चाहिए।
  • sugar ke lakshan दिखाई देने पर आपको सुबह खली पेट खीरा, टमाटर, और करेले को मिक्स कर के इसका जूस बना कर पीना चाहिए।

तुलसी के इस्तेमाल से डायबिटीज में लाभदायक –

  • एक शोध के मुताबिक पता चला है की तुलसी के पत्तो में एंटीऑक्सिडेंट तत्व पाए जाते है। जो हमारे शरीर में इन्सुलिन जमा करने वाले तथा छोड़ने वाले कोशिकाओं में अच्छे से काम करने में मदद करती है। अगर आपको डायबिटीज है तो रोजाना तुलसी के 3 से 4 पत्ते खली पेट खाना चाहिए। आपका शुगर लेवल धीरे धीरे कम होता जाएगा।

डायबिटीज के इलाज में सौंफ फायदेमंद – डायबिटीज का उपचार

  • डायबिटीज के मरीजों को खाना खाने के बाद सौंफ का सेवन जरूर करे इससे काफी फायदा मिलता है मरीजों को, शुगर के मरीजों को इन घरेलु उपाए को करते समय परहेज का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

लौकी का जूस है फायदेमंद –

शुगर के मरीजों को रोजाना कम से कम आधा गिलास लौकी का जूस निकल कर पीना चाहिए (लौकी के जूस से आपकी किडनी के साथ साथ आपके पेन्क्रिया भी डिटॉक्स होती है जिसकी वजह से पेन्क्रिया की सफाई होती है जिससे इन्सुलिन पर्याप्त मात्रा में रिलीज होता रहता है।)

अलसी के बीज से डायबिटीज में कंट्रोल –

डायबिटीज के मरीजों के लिए अलसी एक अमृत तुल्य भोजन है। क्युकी ये ज़ोरो कार्ब भोजन है,अलसी ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखती है डायबिटीज के शरीर पर होने वाले दुष्प्रभाओं को कम करता है। अलसी में फाइबर की मात्रा अधिक होती है इस कारण अलसी से देर तक पेट भरा हुवा होता है। फिर ज़्यादा भूख नहीं लगती है। ये BMR को बढाती है जो शरीर की चर्बी को कम करती है और हम ज़्यादा कैलोरी का इस्तेमाल करते है, (मोटापे के रोगियों के लिए अलसी एक बहुत ही अच्छा आहार है)

डायबिटीज में अलसी का सेवन कैसे करे?

  • अलसी का सेवन करने से पहले आपको अलसी को थोड़ा थोड़ा कर के सेवन करना चाहिए फिर बाद इसकी मात्रा को बढ़ा सकते है।
  • इसका सेवन करने के लिए आपको अलसी को पहले दरदरा पीस लेना चाहिए फिर इसे दूध,दही,सब्जी,दलीय,सलाद के साथ लिया जा सकता है। इसके साथ आपको पानी भी ज़्यादा पीना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों को इसका ज़्यादा से ज़्यादा फायदा लेने के लिए रोजाना 30 से 50gm अलसी का सेवन करना चाहिए।
  • अलसी की रोटी – डायबिटीज के मरीजों को रोजाना सुबह शाम 20 -20 gm पीस कर आटे में मिक्स कर के इसकी रोटी बना कर खाये,ये अलसी को खाने का सबसे अच्छा तरीका है।

मेथी के दाने का पानी है असरदार-

  • आप रात में सोने से पहले मेथी के कुछ दाने को एक गिलास पानी में भिगो कर रख दे और सुबह खाली पेट इसे पीये आपको डायबिटीज में बहुत फायदा होगा।

डाइबिटीज के इलाज में फायदेमंद है जामुन

  • जामुन को काले नमक के साथ खाने से डायबिटीज का स्तर कम होता है।

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दालचीनी से फायदा – डायबिटीज का उपचार

दालचीनी के सेवन से खून में शुगर की मात्रा में कम आती है। रोजाना 1 gm दालचीनी अपने भोजन में इस्तेमाल करे ये एक शुगर की दवा के रूप में भी ले सकते है।

डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए नीम है ज़रूरी – डायबिटीज का उपचार

नीम के पत्तो में इन्सुलिन को बढ़ने वाले कुछ खास गुण होते है जो घमनियों में खून के प्रवाहो पर पुनः कार्य करती है और शुगर को कम करने वाली दवाइयों पर निर्भर होने से बचता है। अगर आपको डायबिटीज के कोई भी लक्षण दिखाई देते है तो आपको तुरंत ही नीम के रस का सेवन शुरू कर देना चाहिए। इसका सेवन करने का सही समय है सुबह खाली पेट।

याद रखे – अगर आपका डाइबिटीज शुरुवाती समय में है तो आप ये घरेलु चिकत्सा को इस्तेमाल कर सकते है। लेकिन अगर आपका शुगर का लेवल अधिक बढ़ चूका है तो आपको सही समय में अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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